नगर पालिका परिषद अस्पताल की पहल पर आमजन को मिली स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय परामर्श एवं दवाओं की सुविधा
टांडा, रामपुर।
“स्वच्छता ही सेवा-2026” अभियान के अंतर्गत नगर पालिका परिषद टांडा, जनपद रामपुर में नगर पालिका परिषद अस्पताल की ओर से आमजन के लिए विशेष स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य नागरिकों को सहज एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना रहा।

शिविर में नगर पालिका परिषद टांडा की अधिशासी अधिकारी श्रीमती वंदना शर्मा तथा नगर पालिका परिषद टांडा की अध्यक्ष श्रीमती साहिबा सरफराज की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर अध्यक्ष पति हाजी सरफराज ने भी शिविर में उपस्थित रहकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा आमजन से स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने और स्वच्छता अभियान में सक्रिय सहभागिता करने का आह्वान किया।
नगर पालिका परिषद अस्पताल की ओर से डॉ. कमाल एवं डॉ. उमेश के नेतृत्व में चिकित्सकीय टीम ने शिविर में पहुंचे नागरिकों की स्वास्थ्य जांच की। सह-प्रबंधक आसिया की देखरेख में अस्पताल के चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ ने मरीजों की जांच, आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श तथा निःशुल्क दवाओं का वितरण किया। मरीजों को स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों, खान-पान, व्यक्तिगत स्वच्छता तथा नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई।

शिविर को सफल बनाने में नगर पालिका परिषद की ओर से धनीराम एवं शुभम का विशेष एवं सराहनीय योगदान रहा। दोनों ने शिविर की व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने, मरीजों एवं आगंतुकों के सहयोग तथा आयोजन को व्यवस्थित ढंग से संचालित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस अवसर पर अस्पताल की टीम ने कहा कि स्वच्छता और स्वास्थ्य एक-दूसरे से सीधे जुड़े हुए हैं। स्वच्छ वातावरण, स्वच्छ पेयजल, व्यक्तिगत स्वच्छता, संतुलित आहार और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच से अनेक बीमारियों से बचाव संभव है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।
शिविर में चिकित्सकीय एवं पैरामेडिकल स्टाफ ने सेवा-भावना के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने शिविर का लाभ उठाया और नगर पालिका परिषद अस्पताल की इस पहल की सराहना की।

नगर पालिका परिषद टांडा तथा नगर पालिका परिषद अस्पताल की यह पहल “स्वच्छता ही सेवा” अभियान को जनस्वास्थ्य और जनसेवा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास रही। आयोजन के माध्यम से नागरिकों को यह संदेश भी दिया गया कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए स्वच्छता, स्वास्थ्य जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता तीनों आवश्यक हैं।
