संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अतुल कृष्ण ने युवाओं से भारतीय संस्कृति, मूल्यों और राष्ट्र निर्माण से जुड़ने का किया आह्वान

देहरादून, 15 सितंबर 2026। रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय, देहरादून में संस्कृति विभाग एवं अभ्युदय भारत राइजिंग फोरम के संयुक्त तत्वावधान में ‘राष्ट्र बोध’ विषय पर ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नवप्रवेशित विद्यार्थियों को राष्ट्र के प्रति जागरूकता, गौरव, कर्तव्यबोध और राष्ट्र सेवा की भावना से जुड़ने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। इससे पूर्व विद्यार्थियों के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आधारित डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया। डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से भारतीय सेना के साहस, शौर्य और राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति उसके समर्पण को विद्यार्थियों के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस दौरान अभ्युदय भारत राइजिंग फोरम की गतिविधियों एवं उद्देश्यों पर आधारित वीडियो भी प्रदर्शित किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुभारती समूह के संस्थापक एवं रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. अतुल कृष्ण ने कहा कि ‘राष्ट्र बोध’ प्रत्येक नागरिक के भीतर राष्ट्र के प्रति प्रेम, गौरव, कर्तव्य और समर्पण की भावना को जागृत करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से भारतीय संस्कृति, देश की गौरवशाली परंपराओं और राष्ट्रीय मूल्यों से जुड़कर राष्ट्र निर्माण में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक श्री धनंजय जी ने कहा कि राष्ट्र बोध केवल राष्ट्र के प्रति भावनात्मक जुड़ाव तक सीमित नहीं है। अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन, भारतीय संस्कृति एवं विरासत के प्रति सम्मान और समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी राष्ट्र बोध का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि युवाओं के विचार, प्रश्न, संवाद और सक्रिय सहभागिता देश के भविष्य को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी जिज्ञासाओं को संवाद के माध्यम से व्यक्त करने तथा अपनी ऊर्जा और प्रतिभा का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में सुभारती समूह की ट्रस्टी सुश्री अवनी कमल की विशेष उपस्थिति रही। विश्वविद्यालय के ISGR विभाग के सहायक निदेशक एवं संस्कृति विभाग के सदस्य श्री रमन कृष्ण किमोठी ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने राष्ट्र बोध, राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका तथा भारतीय संस्कृति एवं जीवन-मूल्यों से जुड़े रहने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी अतिथियों, आयोजकों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय की सहायक आचार्य सुश्री मिदत असलम ने किया। इस अवसर पर संस्कृति विभाग के अध्यक्ष डॉ. राजेश तिवारी, संस्कृति विभाग के सचिव एवं कंप्यूटर अनुप्रयोग विभाग के विभागाध्यक्ष श्री विनय सेमवाल, विश्वविद्यालय के कर्मचारीगण तथा बड़ी संख्या में नवप्रवेशित विद्यार्थी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्र गीत एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। ‘युवा संवाद’ के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि राष्ट्र बोध केवल देश के प्रति प्रेम की भावना नहीं, बल्कि कर्तव्य, अनुशासन, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र सेवा के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता का भाव है।

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