राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस की विवेचना अब अंतिम दौर में पहुंच गई है। 25 जून को थाना रामजन्मभूमि में आठ लोगों के खिलाफ दर्ज हुए हाईप्रोफाइल केस की 90 दिन की वैधानिक समय सीमा 22 सितंबर को पूरी हो रही है। इससे पहले ही सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी ने लगभग विवेचना पूरी कर ली है। सूत्रों के अनुसार इस मामले में दो और लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनके खिलाफ जल्द ही केस दर्ज किया जा सकता है।
चढ़ावा चोरी का मामला 5 जून को प्रकाश में आया था। इसके बाद शासन ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। जिसकी प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की तहरीर पर 25 जून को थाना रामजन्मभूमि में आठ लोगों के खिलाफ बीएनएस की धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। जिन आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था उनमें गणना प्रभारी सुभाष चंद्र श्रीवास्तव, ट्रस्ट कर्मी राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू, अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्रा, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा और मनीष यादव शामिल हैं।
पुलिस की जांच में चढ़ावे की गिनती के दौरान बरती गई लापरवाही और सुरक्षा में सेंध को लेकर ट्रस्ट के कुछ अन्य कर्मचारियों और बैंक से जुड़े लोगों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। सूत्रों की माने तो गणना में शामिल पूर्व कर्मचारियों से पूछताछ के आधार पर दो नाम जोड़े गए हैं। यह दो नाम श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से किसी पूर्व पदाधिकारी या कर्मचारी के भी हो सकते हैं। विवेचक ने उन दो व्यक्तियों की भूमिका की सघन जांच की है और जल्द ही उनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर चार्जशीट में नाम शामिल कर सकती है। हालांकि पुलिस के अधिकारी इस मामले में कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं।
वहीं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की महिला शाखा राष्ट्र सेविका समिति से जुड़ी शिक्षाविद् डॉ. निर्मला यादव को संघ निष्ठा के प्रतिफल के रूप में राम मंदिर ट्रस्ट में नामित कर ट्रस्टी बनाया गया। ट्रस्टी बनने के बाद पहली बार अयोध्या पहुंची डा. निर्मला ने रामलला के चरणों में माथा टेका। पुनः वह पंचदेव अनुष्ठान में शामिल होकर तीर्थ क्षेत्र भवन पहुंची। यहां संघ से जुड़े पदाधिकारियों से मिलने के साथ कारसेवक पुरम में पूर्व महासचिव चंपतराय से मुलाकात की और उनके प्रति आभार ज्ञापन किया। इसके अलावा उन्होंने मणिराम छावनी पीठाधीश्वर व राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास का भी आशीर्वाद लिया और अपना परिचय दिया। दोनों से मुलाकात को शिष्टाचार भेंट माना जा रहा है।
