संयुक्त अरब अमीरात (UAE) अगले महीने हैदराबाद में वाणिज्यिक दूतावास खोलने की तैयारी में है। भारत में यूएई का यह चौथा दूतावास होगा। इसका मकसद वीजा के लिए लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा करना और सूचना प्रौद्योगिकी व स्वास्थ्य सेवा में व्यापार संबंधों को बढ़ावा देना है।

महावाणिज्य दूत आरेफ अलनुआमी ने कहा, ‘यूएई के विदेश राज्य मंत्री अहमद अली अल सायेघ ने 14 जून को हैदराबाद में वाणिज्य दूतावास खुलने की उम्मीद जताई है। नई दिल्ली, मुंबई और तिरुवनंतपुरम में दूतावास के बाद यह चौथा मिशन होगा।’

आरेफ अलनौमी ने इंटरव्यू में कहा, ‘हम वीजा सेक्शन और UEA जाने के इच्छुक लोगों की मांग के कारण हैदराबाद में वाणिज्य दूतावास खोल रहे हैं। इसके अलावा, यूएई के नागरिक कई कारणों से हैदराबाद जाते हैं, जिसमें पढ़ाई और हॉस्पिटल्स में मेडिकल चेक-अप शामिल हैं। यही वजह है कि हमारी सरकार हैदराबाद में एक मिशन खोलना बेहतर समझती है।’

‘UAE के लोग इलाज कराने आ रहे भारत’
अलनौमी से यूएई के नागरिकों द्वारा मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए भारत आने को तरजीह देने के कारण पूछे गए। इसके जवाब में उन्होंने कहा, ‘यूएई के नागरिकों और हैदराबाद के बीच पुराना संबंध रहा है। भारत में अच्छे डॉक्टर और अस्पताल हैं। इन्हीं कारणों से हमारे लोग यहां आना पसंद करते हैं।’ अलनौमी ईरान, यमन और सऊदी अरब में काम कर चुके हैं। दिसंबर 2021 में वह हैदराबाद के लिए पहले महावाणिज्यदूत के रूप में नामित हुए थे। उन्होंने कहा कि वह यूएई के बिजनेसमैन और हैदराबाद-तेलंगाना में उनके समकक्षों के बीच कड़ी के रूप में कार्य करेंगे।

‘IT और हेल्थ सेक्टर पर जोर’
यूएई अधिकारी ने कहा कि व्यावसायिक संबंधों को बढ़ावा देने पर हमारा जोर है। हम 2 क्षेत्रों- सूचना प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य सेवा पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हैदराबाद और दक्षिण भारत के अन्य हिस्से यूएई के वीजा ऑपरेशन के लिए अहम होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘दक्षिण भारत एक बहुत बड़ा इलाका है। यहां वीजा की मांग भी बड़ी है।’ मालूम हो कि संयुक्त अरब अमीरात फिलहाल 2.8 मिलियन से अधिक भारतीय नागरिकों का घर है। UAE और भारत के बीच सालाना करीब 60 अरब डॉलर का व्यापार होता है। अमेरिका और चीन के बाद यह भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।

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